जीवन का विलोम शब्द संस्कृत में

जीवन का विलोम शब्द संस्कृत में,

अपने बुजुर्गों के मूर्खों से अक्षर सुना होगा कि जीवन मरण तो ऊपर वाले के हाथ में होता है और जो भी धरती पर जन्म लिया है उसको एक दिन मरना है।

आज जीवन के विलोम शब्द के बारे में बात करेंगे।

विलोम शब्द:- विलोम शब्द बताने से पहले हम आपको यह बता देना चाहते हैं कि विलोम शब्द का मतलब क्या होता है?

विलोम शब्द का अर्थ होता है उल्टा या विपरीत किसी शब्द का उल्टा या विपरीत शब्द विलोम शब्द कहलाता है।

जीवन का विलोम शब्द

जीवन का विलोम

जीवन का विलोम शब्द मरण तथा मृत्यु होता है।

आइये जानते है जीवन और मृत्यु के बारे में लोगों के विचार:-

जीवन:- सभी प्राणियों के जीवन की बागडोर परमात्मा के हाथों में होती हैं।

मृत्यु:- मरने से पहले कुछ अच्छे कर्म करो जिससे आत्मा को शांति मिले।

जीवन:- जीवन जीने के लिए हजारों कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

मृत्यु:- मृत्यु अजेय-अमर है।

जीवन:– जीवन में लाखों प्रकार के दुखों का सामना करना पड़ता है।

मृत्यु:- मृत्यु सभी दुखों का अंत है।

जीवन का विलोम शब्द संस्कृत में

जीवन का संस्कृत में विलोमशब्द मृत्यु होता है।

संसार की यही रीत है जीवन और मृत्यु की उलझन में लोग उलझ कर रह जाते हैं भगवान नियमानुसार जो लोग इस पृथ्वी पर जीवित प्राणियों के रूप में आए हैं दिन मृत्यु के रूप में इस पृथ्वी को छोड़कर चले जाएंगे।

इसलिए हम लोग जितने भी दिन जीवित रहते हैं हमें अच्छे कर्म करने चाहिए किसी को हानि नहीं पहुचानी चाहिए। ना किसी को दुख देना चाहिए और ना ही किसी का भरोशा तोड़ना चाहिए।

क्योंकि मरने के बाद लोगों के अच्छे कर्म ही धरती पर रह जाते हैं अच्छे कर्म करने वाले हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं।

बुरे कर्म करने वाले पल भर में टूट जाते हैं उनको कोई लोग याद नहीं रखते है।

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