संज्ञा के कितने भेद होते हैं?

संज्ञा के कितने भेद होते हैं:- आज हम हिंदी व्याकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के बारे में पढ़ेंगे। Grammer (व्याकरण) किसी भाषा मे इसका कितना महत्व होता है यह आप सभी जानते होंगे।

आइये इसी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य संज्ञा के कितने भेद होते हैं । इसी के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

संज्ञा कितने प्रकार के होते हैं? – sangya ke kitne bhed hote hain? – How many noun are there?

इससे पहले हम यह जान ले कि संज्ञा किसे कहते है संज्ञा की परिभाषा क्या होती है।

संज्ञा किसे कहते हैं

संज्ञा के कितने भेद होते हैं

संज्ञा वह विकारी शब्द होता है जिससे किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण के नाम का बोध कराता है।

जैसे- सगन, धर्मेंद्र, गाय-भैस, दिल्ली, गाज़ीपुर आदि। जिस भी व्यक्ति का नाम है वह संज्ञा हैं।

सगन ,धर्मेंद इसमे व्यक्ति का नाम
गाय भैस जंतु, प्राणियो का नाम है
दिल्ली, ग़ाज़ीपुर, आगरा स्थान का नाम है।
ईमानदार, बेइमान, धोकेबाज, हँसना, गुस्सा यह सभी गुण है।

आइये एक उदाहरण से समझते है-

मोहन अपनी भैस को लेकर आगरा गया।
इस वाक्य में संज्ञा- मोहन, भैस, आगरा

संज्ञा के भेद कितने होते हैं- sangya ke kitne bhed hote hain

संज्ञा को पांच भागों में बांटा गया है। हिंदी व्याकरण के अनुसार संज्ञा के 3 भेद होते है।

लेकिन English Grammar में संज्ञा के 5 भेद होने के कारण हिंदी व्याकरण में भी 5 भेद को पढ़ा जाता है।

  1. व्यक्तिवाच संज्ञा
  2. जातिवाचक संज्ञा
  3. भाववाचक संज्ञा
  4. समूहवाचक संज्ञा
  5. द्रव्यवाचक संज्ञा

वह संज्ञा शब्द जिससे किसी एक व्यक्ति या वस्तु का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है।

जिस शब्द से किसी अनेक नही एक ही वस्तु का बोध हो जैसे:- राम, गंगा नदी, आम, बालक, मध्यप्रदेश आदि।

व्यक्ति का नाम- सचिन, गोलू, मुकेश, राहुल, रोहित, दिलीप आदि।
दिशा बोधक शब्द:- पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण
जानवरों के नाम- गाय, भैस, बकरी, शेर, हाथी, तोता, कबूतर आदि।
देशों का नाम- भारत, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, कुबैत, भूटान, नेपाल आदि।
सब्जीयो का नाम- आलू, गोभी, टमाटर, लौकी, मिर्च, बैंगन, पालक आदि।
फलों के नाम- आम, सेब, संतरा, अंगूर, अमरूद, केला, लीची, अनार आदि
फूलों के नाम- गुलाब, कमल, गुड़हल, गेंदा, चमेली, कनेर, सूर्यमुखी आदि।
दिन तथा महीनों के नाम- सोमवार, मंगलवार, बुधवार, मई, जून, जुलाई, अगस्त आदि

जातिवाचक संज्ञा-

जिन संज्ञा शब्दों से एक ही प्रकार के व्यक्ति या वस्तु का बोध होता है उसे जातिवाचक संज्ञा कहते है।

जैसे- मनुष्य, जानवर, नदी, फल, पक्षी आदि।
इन शब्दो मे किसी एक वस्तु का नाम नही, उसके जाति का बोध हो रहा है।

क्योंकि मनुष्य का मतलब कोई भी आदमी क्योंकि हम इसमे किसी व्यक्ति का नाम नही बता रहे है।

मनुष्य कहने से संसार मे पूरी मनुष्य जाति का बोध होता है।

भाववाचक संज्ञा-

जिन शब्दों से किसी व्यक्ति, वस्तु विशेष के गुण या दोष का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे- अच्छा, बुरा, छोड़ा, मोटा, पतला, समझदार, वफादार आदी।

समूहवाचक संज्ञा-

जिन शब्दों से किसी समूह के होने का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते है।

जैसे- बच्चों का समूह, भैस समूह में घास चर रही है आदि।

उदाहरण- बच्चें खेल रहे है- इस वाक्य से समूह के बोध हो रहा है।

द्रव्यवाचक संज्ञा-

जिन संज्ञा से नाप-तौल वाली वस्तुओं का बोध होता है उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है।

जैसे- दूध, पानी, हीरा, सोना, चांदी, पारा आदि।

निष्कर्ष:- हमने इस लेख के माध्यम से यह जानने की कोशिश की, की संज्ञा किसे कहते हैं तथा संज्ञा के कितने भेद होते हैं। जिसमे हमने जाना कि संज्ञा के पांच भेद होते है।

Related Q&A:

1. संज्ञा के कितने भेद होते हैं?
Ans. 5
2. संज्ञा कौंन सा शब्द है
Ans. विकारी शब्द
3. हिंदी व्याकरण के अनुसार संज्ञा के कितने भेद होते हैं
Ans. 3

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